मंगल प्रभात लोढ़ा को धमकी देने के आरोप को असलम शेख ने किया खारिज, क्या कुछ बोले?

Maharashtra News: मुंबई में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा और उनके परिवार को धमकी के मामले में कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आ गए. पार्टियों के विधायकों के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है.

(कांग्रेस नेता असलम शेख, फाइल फोटो)

मुंबई में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा और उनके परिवार को मिली कथित जान से मारने की धमकी को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है. बीजेपी विधायक संजय उपाध्याय का आरोप है कि इसी मुद्दे के विरोध में उनकी पार्टी ने आंदोलन किया था. इस बीच अब मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम को भी धमकी दी गई है. 

दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक असलम शेख ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि अमित साटम और बीजेपी के नेता उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं. शेख का दावा है कि मंत्री लोढ़ा वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन इस प्रकरण में वे गलत बयान दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि जो वीडियो क्लिप जारी की गई है, उसमें कहीं भी उनके द्वारा धमकी देने की बात नजर नहीं आती. 

कांग्रेस विधायक ने लगाया ये आरोप

असलम शेख ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर बिना सबूत के माफी की मांग कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि खुद अमित साटम उन्हें धमकी दे रहे हैं, उनके खिलाफ अपशब्दों का उपयोग कर रहे हैं और पुलिस पर दबाव डालकर उनके खिलाफ केस दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं. 

असलम शेख ने कहा कि मुंबई के सामने कई गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन बीजेपी खान, पठान, शेलार और शिंदे जैसे नामों पर ही राजनीति कर रही है, जिनमें जनता की कोई रुचि नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस स्टेशन के बाहर उनके बैनर फाड़े गए और उन्हें गालियां दी गईं. अब देखना है कि पुलिस इस पर क्या कार्रवाई करती है. 

शेख ने 400 से अधिक झोपड़ों पर बुलडोजर कार्रवाई को भी गलत बताते हुए कहा कि यदि इनमें बांग्लादेशी या रोहिंग्या थे, तो गृह मंत्रालय किसके अधीन है और कार्रवाई किसे करनी चाहिए, क्योंकि तोड़ी गई झोपड़ों में 60 प्रतिशत लोग हिंदू थे. 

मामले पर बीजेपी विधायक का पलटवार

इस बीच बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने बताया कि असलम शेख के खिलाफ मालवणी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. उन्होंने बताया कि मंत्री लोढ़ा को धमकी देने के मामले में यह केस दर्ज किया जा रहा है, जिसकी जांच क्राइम ब्रांच करेगी.

 बीजेपी नेताओं प्रवीण दरेकर, भातखलकर, मनीषा चौधरी और संजय उपाध्याय की मौजूदगी में पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की गई. वहीं, आंदोलन के दौरान बीजेपी के एक कार्यकर्ता पर हुई कथित मारपीट के मामले में भी डीसीपी संदीप जाधव ने जांच के आदेश जारी किए हैं.

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