सीरतुन्नबी त्तेहाद-ए-उम्मत कान्फ्रेंस.

की मोहम्मद से वफ़ा तू ने तो हम तेरे हैं

एक दीन, एक नबी, एक कुरआन, एक उम्मत !

  1. कुरआन हमें जोड़ता है,
  2. सीरत हमें एक बनाती है।
  3. तो फिर हम बिखरे क्यों रहें?
  4. आइए सीरत के साए तले एक उम्मत बनकर समाज के लिए फ़ायदेमंद बनें।
  5. इस कॉन्फ्रेंस में शरीक होकर इत्तेहाद-ए-उम्मत का सबूत दें।

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद-मबई

29 नवम्बर 2025 बरोज शनिचर.

बाद नमाज-ए-मग़रिब से रात 10 बजे तक N.H एन.एच. स्कूल ग्राउंड, नाया नगर मीरा रोड

खवातीन के लिए पर्दे का इंतजाम होगा।

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