Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र में अजित पवार के प्लेन के क्रैश होने पर उठ रहे सवालों को जवाब नहीं मिलने से राजनीति गर्म है। अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने तमाम मुद्दों पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ने हुए स्टैंड साफ किया है। पार्टी ने कहा कि हादसे की जांच होनी चाहिए।

राेहित पवार के आरोपों पर एनसीपी का पहला बयान।
मुंबई: महाराष्ट्र के दिवंगत मुख्यमंंत्री अजित पवार के प्लेन क्रैश पर उनके भतीजे राेहित पवार ने सवाल खड़े किए थे। रोहित पवार ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस करके कुछ सवाल पूछे थे। राेहित पवार ने कहा था कि जाे चार्टर्ड एयरक्राफ्ट क्रैश हुआ। उसके मेंटिनेंस का काम प्रफुल्ल पटेल के पास है। कुल मिलाकर रोहित पवार ने VSR कंपनी, ARROW हैंडलर, पायलट सुमित कपूर और यहां तक कि मेंटेनेंस से जुड़े लोगों पर शक जताया था। रोहित पवार के आरोपों के बाद पहली बार अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने उठ रहे सवालों को लेकर जांच की मांग की है, हालांकि पार्टी ने 27 जनवरी की रात की बातों को स्वीकार करने से मना कर दिया है। पार्टी ने साफ किया है कि 28 जनवरी को जो हुआ है। उसकी जांच की जाए।
दादा के साथ जुड़े लोग ‘परिवार’
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के मुख्य प्रवक्ता आनंद परांजपे ने शुक्रवार को कहा कि परिवार का मतलब केवल रक्त संबंध नहीं होता। इसमें अजित दादा पवार के सहयोगी भी शामिल हैं। परांजपे ने 27 जनवरी की घटनाओं के क्रम को राजनीतिक रंग देने के लिए रोहित पवार के कदम की निंदा की। ठाणे से मीडिया से बातचीत में परांजपे ने तमाम सवाल के जवाब दिए। आनंद परांजपे ने स्पष्ट रूप से कहा कि परिवार का अर्थ केवल रक्त संबंध नहीं है। 2 जुलाई 2023 को लिए गए राजनीतिक निर्णय के बाद अजित दादा के साथ आने वाले सभी लोग उनका परिवार हैं। परांजपे ने दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे बयान अजित दादा पवार के परिवार को कितनी गहरी चोट पहुंचा रहे होंगे। वे किस दर्द से गुजर रहे होंगे। इस पर ठहरकर सोचने की आवश्यकता है।
विलय के बयान से बचना चाहिए था
परांजपे ने इस प्रकार की भाषा महाराष्ट्र की संस्कृति का हिस्सा नहीं है। परांजपे ने कहा कि अजित दादा के दुखद निधन के बाद अंतिम संस्कार से पहले ही विलय को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। उस समय ऐसे राजनीतिक बयान देने से बचना चाहिए था। प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने पार्टी का पक्ष रखा था। पहले दिन से ही पार्टी ने दुर्घटना की जांच की मांग की है। परांजपे ने दोहराया कि टाइम बॉम्ब के एंगल की भी जांच होनी चाहिए। रोहित पवार ने जो भी मुद्दे उठाए हैं, उनकी पूरी तरह जांच होनी चाहिए। आखिरी समय में कप्तान बदले जाने के पहलू की भी जांच होनी चाहिए। यह साजिश थी या दुर्घटना यह जांच से सामने आना चाहिए।
27 जनवरी की बातें स्वीकार नहीं
परांजपे ने कहा कि पार्टी 27 जनवरी की घटनाओं को लेकर किए जा रहे राजनीतिक बयानों को स्वीकार नहीं करेगी, लेकिन 28 जनवरी से जुड़े सवालों की जांच जरूरी है। दरअसल, रोहित पवार ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस करके सवाल खड़े किए थे। इसके बाद उन्होंने कहा था कि 27 जनवरी की रात को एक फाइल को लेकर विवाद हुआ। वह फाइल मंत्रालय से आने से दादा के प्रोग्राम में देरी हुई। वह सो नहीं पाए जागते रहे। अन्यथा वह कार से बारामती आने वाले थे। उन्हें देर रात तक जगाया गया फिर विमान बुक किया गया। रोहित पवार ने एनसीपी के ब्रांडिंग का काम देखने वाले नरेश अरोड़ा पर भी शक जताया है। रोहित पवार द्वारा उठाए गए मुद्दों का उल्लेख करते हुए परांजपे ने कहा कि विमान दुर्घटना रात 8:44 बजे तक हुई। सभी बातों की जांच होनी चाहिए। पहले दिन से यही पार्टी का रुख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। जांच को आगे बढ़ने दिया जाए और उसके बाद ही निष्कर्ष निकाले जाएं।






