Delhi Blast : न सिर था न पैर… पत्नी ने नीली जैकेट से की पहचान, जुम्मन का शव देख छलक आए आंसू.

Delhi Blast : दिल्ली ब्लास्ट में ई-रिक्शा चलाने वाले जुम्मन की भी जान चली गई। जुम्मन का शव देख सभी के आंसू छलक आए। क्योंकि जुम्मन का सिर्फ धड़ मिला, न ही सिर और न पैर। पत्नी ने बमुश्किल शव की शिनाख्त की।

दिल्ली में लालकिले के पास हुए ब्लास्ट में अब तक 9 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 20 से ज्यादा घायलों का इलाज चल रहा है। दिल्ली ब्लास्ट में मरने वालों में दो महिलाएं भी हैं। दिल्ली में ई-रिक्शा चलाने वाले जुम्मन की भी ब्लास्ट में जान चली गई।

जुम्मन लालकिले के आसपास ई-रिक्शा चलाते थे। 32 साल के जुम्मन के चाचा इदरीस का कहना है, मेरा भतीजा रिक्शा चलाता था। इदरीस ने बताया कि शाम पांच बजे लाल किले के लिए घर से निकला था। मोबाइल की लोकेशन रात 9.30 बजे तक लाल किला गेट नंबर एक थी, लेकिन उसके बाद से कुछ पता नहीं। हम उसे ढूंढ़-ढूंढ़कर परेशान थे, लेकिन उसका कहीं अता पता नहीं चल पा रहा था। ई रिक्शा में जीपीएस लगा था, लेकिन जब वहां पहुंचे तो गाड़ी की लोकेशन ऑन दिख रही थी, बाद में लोकेशन बंद हो गई। थोड़ी देर बाद हमने पुलिस से पूछा तो उन्होंने कहा कि एक बार मोर्चुरी में जाकर देखो।

त्नी ने जैकेट से की पहचान

पुलिसवालों के कहने पर इदरीश और जुम्मन की पत्नी मोर्चुरी में गई। उन्होंने शव गृह में काफी देर तक जुम्मन को ढूंढ़ा। लेकिन, जुम्मन का कुछ पता नहीं चला। अंत में जुम्मन की पत्नी की नजर वहीं पर रखी एक क्षत-विक्षत शव पर गई। वह उधर बढ़ी तो उसका कलेजा कांप उठा, क्योंकि उसे अंदेशा हो गया कि यह शव जुम्मन का ही है। जुम्मन की पत्नी जब और नजदीक गई तो देखा कि यह तो वही जैकेट है, जिसे पहनकर शाम को जुम्मन ई-रिक्शा लेकर निकला था। पत्नी ने जैकेट से जुम्मन के शव की शिनाख्त की। परिवार ने बताया, बॉडी में निचला हिस्सा और सिर नहीं है।

चाचा बोले- अभी तो ई-रिक्शा की किश्त भी पूरी नहीं हुई

जुम्मन के चाचा इदरीश ने बताया कि अभी तो ई-रिक्शा की किश्त भी पूरी नहीं हुई। जुम्मन के परिवार में उसकी विकलांग पत्नी और दस साल के बेटे के अलावा 2 दो बच्चे और हैं।

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